पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान Sourav Ganguly एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रहा कथित अभियान है। गांगुली ने एक फेसबुक पेज पर लगातार उनके खिलाफ भ्रामक और अपमानजनक पोस्ट डालने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने अपनी शिकायत में दावा किया है कि यह कंटेंट उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से फैलाया जा रहा है। गांगुली ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके और जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके।
“पब्लिक फिगर हूं, आलोचना स्वीकार है लेकिन बदनाम करना नहीं”
गांगुली ने अपने शिकायत पत्र में स्पष्ट किया कि वह एक सार्वजनिक व्यक्ति हैं और आलोचना को जीवन का हिस्सा मानते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आलोचना और जानबूझकर बदनाम करने के बीच बड़ा अंतर होता है। उनके अनुसार सोशल मीडिया पर कुछ लोग सुनियोजित तरीके से झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि इस तरह की हरकतें केवल उनकी प्रतिष्ठा ही नहीं बल्कि जनता के बीच गलत धारणा भी पैदा करती हैं, जो किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। गांगुली ने इस पूरे मामले में कानूनी हस्तक्षेप को जरूरी बताया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस जांच में जुटी, फेसबुक पेज और वेबसाइट की जांच शुरू
इस मामले को लेकर पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जिस फेसबुक पेज का जिक्र किया गया है, उसके कंटेंट और उससे जुड़े अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा एक स्पोर्ट्स वेबसाइट का भी उल्लेख किया गया है, जिस पर इस विवाद से जुड़े लेख या पोस्ट साझा किए गए थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कंटेंट किसने और किस उद्देश्य से पोस्ट किया है। फिलहाल मामले की जांच शुरुआती चरण में है और साइबर सेल को भी इसमें शामिल किया गया है ताकि डिजिटल सबूतों की गहराई से जांच हो सके।
राजनीतिक दावे और यूसुफ पठान विवाद से बढ़ा मामला
इस पूरे विवाद के बीच एक और दावा चर्चा में आ गया है, जिसमें कहा गया था कि ममता बनर्जी ने गांगुली के जरिए सांसद Yusuf Pathan को इस्तीफा देकर सीट खाली करने का संदेश भेजा था, ताकि वे उपचुनाव लड़ सकें। हालांकि गांगुली ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें ऐसा कोई संदेश दिया और न ही उनका यूसुफ पठान से इस संबंध में कोई संपर्क हुआ। इस बयान के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है और राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अब सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
