असम विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। नेता रैलियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रतिद्वंद्वियों पर सीधे आरोप लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। इसी क्रम में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने रविवार (5 अप्रैल) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा और उनकी पत्नी पर चौंकाने वाले आरोप लगाए। खेड़ा ने दावा किया कि सीएम की पत्नी के पास तीन-तीन देशों के पासपोर्ट हैं और वे अभी तक वैध हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भारत की राजनीति में शायद ही किसी सिटिंग चीफ मिनिस्टर और उनके परिवार के खिलाफ इतना बड़ा खुलासा पहले हुआ हो। हम भी हैरान हैं। हिमंत विश्व सरमा और उनकी पत्नी पर जमीन हड़पने, मंदिर का चंदा हड़पने, सरकारी सब्सिडी हड़पने और चिट फंड जैसे मामलों में उनके नाम आते रहे हैं। आज हम आपके सामने ऐसे दस्तावेज पेश कर रहे हैं, जो भारत के बाहर से संबंधित हैं।”
असम सीएम की पत्नी पर तीन पासपोर्ट रखने का आरोप
पवन खेड़ा ने आगे कहा कि हिमंत विश्व सरमा की पत्नी के पास यूएई का गोल्डन कार्ड, एंटीगुआ का पासपोर्ट और मिस्र का पासपोर्ट है। उन्होंने बताया कि यूएई का गोल्डन कार्ड 14 मार्च 2022 को जारी हुआ था और 13 मार्च 2027 को समाप्त होगा। खेड़ा ने सवाल उठाया कि “कोई और राजनेता बताए जिसके पास तीन देशों के पासपोर्ट हों। क्या आप कोई अपराधी हैं जो तीन पासपोर्ट की जरूरत महसूस कर रहे हैं?” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीएम की पत्नी भारत की नागरिक नहीं हैं, और अगर पासपोर्ट अवैध हैं तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस मामले की जांच करनी चाहिए।
खेड़ा ने इस अवसर पर यह भी कहा कि असम में सरकार लुटेरों की तरह काम कर रही है, और उनका आरोप है कि यदि चुनाव हारते हैं तो सीएम और उनका परिवार देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उनका यह बयान चुनावी माहौल में बड़ा विवाद उत्पन्न कर रहा है और राजनीतिक पार्टियों में सियासी बहस को बढ़ावा दे रहा है।
हिमंत विश्व सरमा का पलटवार और कानूनी चेतावनी
पवन खेड़ा के आरोपों के जवाब में असम सीएम हिमंत विश्व सरमा ने ट्विटर पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आरोप हताशा और घबराहट को दर्शाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी आरोप दुरभिप्रेरित, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित झूठ हैं, जिनका उद्देश्य असम की जनता को भ्रमित करना है।
सीएम ने स्पष्ट किया कि वे और उनकी पत्नी अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी मानहानि के मामले दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें उनके लापरवाह और मानहानि वाले बयानों के लिए पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि अदालत में सत्य साबित होने के बाद खेड़ा को अपने कार्यों के परिणाम भुगतने होंगे। सीएम ने यह भी कहा कि असम की जनता दुष्प्रचार से गुमराह नहीं होगी और वे जनता से निर्णायक जनादेश प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
चुनावी राजनीति और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस विवाद ने असम विधानसभा चुनाव के माहौल को और गर्मा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के आरोप और पलटवार मतदाता और स्थानीय जनता के बीच भ्रम और बहस पैदा कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो और प्रेस कॉन्फ्रेंस के क्लिप वायरल हो रहे हैं, और जनता के बीच इस मामले को लेकर जिज्ञासा और चर्चा बढ़ी है।
स्थानीय नागरिक और राजनीतिक संगठनों का कहना है कि असली तथ्य और प्रमाण सामने आए बिना किसी भी राजनेता या उनके परिवार के खिलाफ आरोपों पर विश्वास करना ठीक नहीं है। चुनाव के बीच ऐसी घटनाओं से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज़ होती है और जनता को संतुलित जानकारी की आवश्यकता बढ़ जाती है।
अभी तक इस पूरे मामले पर केंद्र और राज्य प्रशासन की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। चुनावी माहौल में इस विवाद ने राजनीतिक दलों और मतदाताओं के बीच सियासी नाटकीयता को बढ़ा दिया है।
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