भारतीय क्रिकेट में श्रेयस अय्यर को लेकर एक बार फिर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। पिछले ढाई साल से वह टी20 टीम से बाहर चल रहे थे और इस दौरान उन्होंने कई अहम सीरीज और दो टी20 वर्ल्ड कप भी मिस किए। हालांकि इस बीच उन्होंने घरेलू और आईपीएल क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी फिटनेस व फॉर्म को साबित किया। अब माना जा रहा है कि आगामी भारत-अफगानिस्तान सीरीज और उसके बाद आयरलैंड व इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबलों में उन्हें एक बार फिर टीम में मौका मिल सकता है।
कप्तानी की रेस में अचानक बढ़ी दावेदारी
टीम चयन और भविष्य की कप्तानी को लेकर भी अय्यर का नाम तेजी से सामने आ रहा है। खबरों के अनुसार, चयनकर्ता आने वाली सीरीज में कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर युवा खिलाड़ियों को मौका दे सकते हैं। इसी बीच श्रेयस अय्यर को कप्तानी की जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा तेज हो गई है। उनकी शांत सोच, मैदान पर समझदारी और हाल के कप्तानी अनुभवों ने उन्हें इस रेस में मजबूत उम्मीदवार बना दिया है। टीम प्रबंधन भविष्य के लिए एक स्थिर नेतृत्व विकल्प की तलाश में भी है।
आईपीएल प्रदर्शन ने बदली तस्वीर
श्रेयस अय्यर का आईपीएल प्रदर्शन उनके लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। पिछले कुछ सीजन में उन्होंने लगातार अच्छा खेल दिखाया और कप्तान के रूप में भी अपनी छाप छोड़ी। उनकी अगुवाई में पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने ट्रॉफी जीती और बाद में पंजाब किंग्स ने भी फाइनल तक का सफर तय किया। इसी वजह से उन्हें रणनीतिक कप्तान के रूप में देखा जाने लगा है। बल्लेबाजी में भी वह नंबर चार पर टीम को मजबूती देते रहे हैं और कई अहम मैच जिताए हैं।
आंकड़ों और अनुभव ने बढ़ाई उम्मीदें
श्रेयस अय्यर का इंटरनेशनल रिकॉर्ड भी उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है। उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में अहम योगदान दिया है। वनडे में उनका औसत और स्ट्राइक रेट उन्हें भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज साबित करता है। टी20 में भी उन्होंने कई मौकों पर दबाव में शानदार पारियां खेली हैं। अब देखना होगा कि चयनकर्ता उन्हें सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर वापसी का मौका देते हैं या फिर भविष्य के कप्तान के रूप में एक नई जिम्मेदारी सौंपते हैं।
