Team India: वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम के फैसलों पर पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सवाल उठाए हैं। उनका निशाना खास तौर पर कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 से बाहर रखने की रणनीति पर है। अश्विन का मानना है कि जिस गेंदबाज को खेलने में विपक्षी बल्लेबाजों को परेशानी हो रही है, उसे टीम से बाहर रखना समझ से परे है। उन्होंने इसे कॉमन सेंस की कमी से जुड़ा फैसला बताया।
कुलदीप को बाहर रखने पर क्यों नाराज हुए अश्विन?
अश्विन के मुताबिक, कुलदीप की लेग स्पिन और गुगली वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में उन्हें लगातार मौके न देना टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल खड़े करता है। कुलदीप ने पहले टी20 में 33 रन देकर दो विकेट लिए थे, जबकि दूसरे मुकाबले में उन्होंने 53 रन खर्च किए थे। अश्विन का कहना है कि एक मैच के प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार मानना सही नहीं है। हालांकि, इंदौर जैसे छोटे मैदान पर कुलदीप को बाहर रखने के फैसले को वह परिस्थितियों के हिसाब से उचित मानते हैं।
वेस्टइंडीज ने बनाए 247 रन, भारत को मिली हार
हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 247 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। भारतीय टीम यह मैच 24 रन से हार गई, जिसके बाद सीरीज 2-2 से बराबर हो गई। इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियां सामने आईं। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि कुलदीप जैसे स्पिनर की मौजूदगी मैच में अंतर पैदा कर सकती थी। उनके अनुसार, कुलदीप को मौका मिलता तो भारत के लिए मुकाबले का नतीजा अलग हो सकता था।
क्या अगले मैच में मिलेगी कुलदीप को जगह?
सीरीज बराबरी पर पहुंचने के बाद अब टीम इंडिया की रणनीति पर सबकी नजर है। कुलदीप को प्लेइंग-11 में शामिल करने का फैसला पिच, मैदान की परिस्थितियों और टीम संयोजन पर निर्भर करेगा। अश्विन की टिप्पणी ने इस बहस को तेज कर दिया है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट को अपने प्रमुख स्पिनरों पर अधिक भरोसा दिखाना चाहिए। अब देखना होगा कि निर्णायक मुकाबले में टीम कुलदीप को मौका देती है या गेंदबाजी संयोजन में कोई दूसरा बदलाव करती है।
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