Thursday, June 17, 2021

आप भी बनाइये अपनी बेटी को इस स्कीम से करोड़पति, जानिए योजना

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नई दिल्ली: कोरोना महामारी के चलते सरकार ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खाता खोलने वालों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के लिए पात्रता मानदंडों में कुछ छूट दी है। पोस्ट ऑफिस के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, सुकन्या समृद्धि खाता 31 जुलाई, 2020 को या उससे पहले उन बेटियों के नाम से खोला जा सकता है, जिनकी उम्र 25 मार्च, 2020 से 30 जून, 2020 तक लॉकडाउन की सीमा के दौरान 10 वर्ष पूरी हो चुकी है। इस छूट से उन बेटियों के अभिभावक को सहायता मिलेगी जो लॉकडाउन की वजह से सुकन्या समृद्धि खाता नहीं खोल सकते थे। अन्यथा, सुकन्या समृद्धि खाते सिर्फ जन्म की तारीख से 10 वर्ष की आयु तक ही खोले जा सकते हैं।

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सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर अभिभावकों को अपनी बेटी की उच्च शिक्षा और शादी के खर्चों को आसानी से पूरा कर सकते हैं। इस योजना में बेटी के 21 साल पूरे होने पर रिटर्न मिलता है। योजना के नियमों के मुताबिक, पेरेंट्स यदि बेटी की कम आयु में ही स्कीम में निवेश करना शुरू कर देते हैं, तो वे 15 सालों तक योजना में निवेश कर सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना में इस वक्त 7.6 फीसदी की दर से ब्याज दिया जा रहा है। इस स्कीम में खाता खुलवाते वक्त जो ब्याज दर रहती है, उसी दर से पूरे निवेश काल के दौरान ब्याज दिया जा रहा है। सरकार ने पोस्‍ट ऑफिस सेविंग अकाउंट सहित सभी स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम में किए गए निवेश पर जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए मिलने वाले ब्‍याज की दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया है।

यदि आपने सुकन्या समृद्धि अकाउंट में एक वित्तीय वर्ष के दौरान अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। वहीं, एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम जमा राशि 250 रुपये है इसका अर्थ है कि आप एक साल में डेढ़ लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं, वहीं अकाउंट को चालू रखने के लिए कम से कम 250 रुपये जमा करने होंगे। वहीँ इस रकम को खाताधारक के खाते में रिटर्न कर मिलेगा।

इसके अकाउंट में 15 साल तक रुपये जमा किए जा सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर इनकम टैक्स में छूट का दावा भी कर सकते है। इस योजना में सालाना 1.5 लाख तक का निवेश इनकम टैक्स छूट के योग्य होता है। इस प्रकार पेरेंट्स इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 80C के तहत इस योजना में निवेश पर इनकम टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं। ये खास बात यह है कि इस योजना में ब्याज आय और मैच्योरिटी राशि भी टैक्स फ्री होती है। नये रूल के मुताबिक 18 साल की आयु होने के बाद बच्ची खुद ही अपने अकाउंट का संचालन कर सकती है। पहले यह आयु 10 साल की थी। जब बच्ची 18 साल की हो जाएगी, तो पेरेंट्स को बच्ची से संबंधित दस्तावेज पोस्ट ऑफिस में जमा कराना होगा।

अब दो से ज्यादा बच्चियों का सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलवाने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता पड़ेगी। नए नियम के अनुसार, यदि दो से ज्यादा बच्ची का खाता खुलवाना है तो बर्थ सर्टिफिकेट के साथ-साथ एक हलफनामा देना भी आवश्यक होगा। इससे पहले, गार्जियन को बच्ची का सिर्फ मेडिकल सर्टिफिकेट देने की आवश्यकता होती थी।

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