भूल जाइये सस्ता इंटरनेट और फ़ोन पर लंबी बातचीत करना, प्लान महंगे करने की तैयारी में टेलीकॉम कंपनियां

3973

नई दिल्ली। आम आदमी पर महंगाई का एक का एक और बड़ा झटका लगाने जा रहा है। मोबाइल नेटवर्क कंपनियां एक अप्रैल से अपने प्लान के रेट में बढ़ोतरी करने जा रही है। ये वृद्धि आगे भी जारी रहेगी। इस बारे में रेटिंग एजेंसी इक्रा में जानकारी दी है। कोरोना संकट से जूझ रहे भारत में जहां लॉकडाउन की वजह से अन्य सेक्टर में मुश्किलें बढ़ीं हैं। तो वहीं मोबाइल नेटवर्क कंपनियों को काफी लाभ हुआ है। उनके ग्राहक औसत राजस्व में सुधार देखने को मिला है। कंपनियों के बढ़ते हुए खर्चों को ध्यान में रखते ये बढ़त कुछ ज्यादा खास नहीं है।

इसे भी पढ़ें: देश में पहली बार इस महिला को मिलेगी फांसी की सजा, जेल प्रशासन ने तेज की तैयारियां, जानें क्या है आरोप

यही वजह है कि, उसकी भरपाई की तैयारियों में सभी दूरसंचार कंपनियां लग चुकी हैं। देखने को मिला था कि, पिछले वर्ष भी कंपनियों ने अपनी दरों में बढ़ोतरी की थी। दूरसंचार कंपनियों पर AGR का 1.69 लाख करोड़ रुपए बकाया है। 15 कंपनियां अब तक सिर्फ 30,254 करोड़ रुपए ही चुका पाईं है। सबसे ज्यादा बकाया 50,399 करोड़ रुपए वोडाफोन आइडिया पर है। वहीं एयरटेल पर लगभग 25,976 करोड़ रुपए और टाटा टेलीसर्विसेज पर 16,798 करोड़ रुपए बकाया है। मौजूदा वर्ष में इन कंपनियों को 10 प्रतिशत जमा करनी है वहीं शेष बची हुई राशि आगामी वर्षों में चुकानी है।

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों द्वारा दरों में बढ़ोतरी और 2जी से 4जी में हो रहे कस्टमरों के अपग्रेडेशन से दूरसंचार कंपनियों को प्रति ग्राहक औसत राजस्व में सुधार होने की उम्मीद है। अगले दो वर्ष में प्लान में करीब 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है। इसके बाद आपरेटिंग मार्जिन लगभग 38 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। दूर संचार कंपनियों के 4जी कस्टमर काफी तेजी बढ़े हैं, जिसकी वजह से उनके कॅश फ्लो में बढ़ोतरी हुई है। इसके आलावा कंपनियों के पूंजीगत खर्चों में भी कमी हुई है। वहीं देश में जल्द 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी होनी है, जिससे एक बार फिर कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा।

इसे भी पढ़ें: देश में पहली बार इस महिला को मिलेगी फांसी की सजा, जेल प्रशासन ने तेज की तैयारियां, जानें क्या है आरोप