उत्तर प्रदेश के विधान परिषद (MLC) चुनाव के मतदान के दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। आगरा से समाजवादी पार्टी (सपा) के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल मतदान प्रक्रिया के दौरान मीडिया के सामने अचानक भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खेरागढ़, फतेहाबाद और छत्ता क्षेत्रों में जमकर बूथ कैप्चरिंग की गई है। इसी दौरान निराशा और गुस्से की पराकाष्ठा पार करते हुए उन्होंने यह तक कह दिया कि वह शाही जामा मस्जिद जाकर हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल कर लेंगे। उनके इस विवादित और चौंकाने वाले बयान ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
कौन हैं डॉ. आकाश अग्रवाल? जानें उनकी शैक्षणिक योग्यता और संपत्ति
इस बड़े विवाद के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर डॉ. आकाश अग्रवाल कौन हैं? चुनावी हलफनामे के मुताबिक, 37 वर्षीय आकाश अग्रवाल के पिता का नाम जय प्रकाश है। उनकी शैक्षणिक योग्यता काफी उच्च है; उन्होंने साल 2011 में सिंघानिया यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने साल 2006 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा) से एलएलबी और 2003 में जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ से एमएससी (कॉमर्स) की डिग्री हासिल की है। वित्तीय मोर्चे की बात करें तो चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उनके पास करीब 2.79 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति है, जबकि उनकी कुल देनदारियां लगभग 36.75 लाख रुपये दर्ज हैं।
प्रशासन पर अनदेखी और न्याय न मिलने का गंभीर आरोप
मीडिया के सामने रोते हुए सपा प्रत्याशी ने अपनी बेबसी खुलकर बयां की। उनका कहना था कि चुनाव के दौरान भाजपा का भारी दबदबा देखने को मिला और विपक्षी उम्मीदवारों की शिकायतों को प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने धांधली और बूथ कैप्चरिंग की शिकायत लेकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, तो सरकारी मशीनरी ने उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें निष्पक्ष चुनाव के लिए कहीं से भी न्याय नहीं मिला, तो प्रशासनिक व्यवस्था से उनका पूरी तरह भरोसा उठ गया और इसी मानसिक तनाव तथा गुस्से में उनके मुंह से यह बयान निकल गया।
क्या है यूपी एमएलसी चुनाव का पूरा मामला?
बता दें कि उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की कुल 11 सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है, जिसमें पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। आगरा खंड की इन महत्वपूर्ण सीटों पर आम चुनावों से अलग केवल मतदाता सूची में दर्ज शिक्षक और स्नातक मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। इस चुनाव की मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। मतदान के दिन हुई इस अप्रत्याशित घटना और एक राजनीतिक प्रत्याशी के इस तरह कैमरे के सामने टूट जाने से चुनावी माहौल गरमा गया है, और प्रशासनिक स्तर पर भी इस पर तीखी नजर रखी जा रही है।
