200 आतंकियों से लोहा लेने वाले बलविंदर सिंह की गोली मारकर हुई हत्या

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नई दिल्ली। पंजाब के तरनतारन में अज्ञात हमलावरों ने कामरेड बलविंदर सिंह भिखीविंड की गोली मारकर हत्या कर दी। राज्य में जब आतंकवाद का दौर था उस वक़्त बलविंदर सिंह ने आतंकियों से कई बार लोहा लिया था। सामने आ रही जानकारी के अनुसार, सुबह करीब सात बजे कुछ अज्ञात लोग उनके घर में आए थे, जिन्होंने उन पर हमला कर दिया। बलविंदर सिंह की कुछ दिन पहले ही सुरक्षा वापस ली गई थी, जिसका विरोध उन्होंने किया था उसके बाद आज सुबह उनकी हत्या कर दी गई। इस हत्या पीछे बड़ी साजिश होने का भी अंदेशा लगाया जा रहा है। कामरेड बलविंदर सिंह ने पंजाब में जब आतंकवाद का दौर था तब उन्होंने आतंकियों का मुकाबला कड़ाई से किया था। उन्हें वर्ष 1993 में राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था।

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सिख युवाओं के धार्मिक कट्टरपंथीकरण के खिलाफ बलविंदर सिंह भिखीविंड थे। वो खुद कम्युनिस्ट विचार से प्रभावित थे। राज्य में जब खालिस्तानी मूवमेंट और आतंकवाद दौर था तब उन्होंने खुलकर इसका विरोध भी किया। उन्होंने परिवार का सदस्यों को हथियार चलाने की भी ट्रेनिंग दी थी। आतंकवाद के उस दौर में आतंकवादियों से उनका सामना 16 बार हुआ था। उन पर 10 से लेकर 200 आतंकियों ने एक साथ हमला किया था लेकिन हर आतंकियों को ही पीछे भागना पड़ा। बलिंदर सिंह के परिवार आतंकियों ने कई बार हमला किया था, 30 सितंबर 1990 में करीब 200 आतंकियों ने उसके घर को घेर लिया था।

उस वक़्त आतंकी रॉकेट लांचर से लेस थे, आतंकी पूरे परिवार को खत्म करने के प्लान से आए थे लेकिन जब बलविंदर और उनके परिवार के सदस्यों ने आतंकियों को पिस्तौल और स्टेन-गन के जरिये जवाब देना शुरू किया तो आतंकियों को पीछे हटना पड़ा। इसके बाद ही पूरे परिवार को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। कामरेड बलविंदर सिंह की हत्या के बाद कहा जा रहा है कि, राज्य में एक बार फिर अपनी मौजूदगी आतंकी दर्ज करना चाहते हैं।

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