घर का मुख्य द्वार खोल सकता है आपकी बंद किस्मत, कभी ना करें ये गलतियां

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वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार का विशेष स्थान होता है। इस द्वारा से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। घर की बनावट तब तक अधूरी ही रहती है। जब तक उसका मुख्य द्वार ठीक से न बना हो या अधूरा बना हो। अक्सर लोग अपने मुख्य दरवाजे पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। कई बार वो टूटा होता है या फिर सही दिशा में नहीं बना होता है। इसका नकारात्मक प्रभाव घर के स्वामी के जीवन में तो पड़ता ही है और साथ उसके परिवार को परेशानियों सामना करना पड़ता है। परिवार की खुशहाली घर के मुख्यद्वार पर आधिरित होती है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि, घर का मुख्य द्वार कैसे आपकी किस्मत के बंद दरवाजे को खोल सकता है।

  • अगर आपके घर का मुख्य द्वार जमीन या फर्श से रगड़ खाकर खुलता है तो उसे वास्तु में शुभ नहीं माना जाता है। इससे व्यक्ति के आर्थिक मामलों में संघर्ष बढ़ जाता है, जिससे धन कमाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
  • जब भी घर का मुख्य द्वार खोलें तो उसे अंदर की ही तरफ खोलें। मुख्य द्वार को कभी बाहर की तरफ मत खोलें। इसे शुभ नहीं माना गया है। द्वार अगर बाहर की तरफ खुलता है तो सकारात्मक ऊर्जा रूकती है। इसका प्रभाव घर की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है और खर्चे भी बढ़ जाते हैं।
  • दरवाजा खोलते और बंद करते समय अगर आपका मुख्य द्वार आवाज करता है तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। अगर मुख्य द्वार आवाज करता है तो इसे अशुभ माना गया है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
  • घर के मुख्य द्वार पर अगर किसी पेड़ या फिर खंभे की परछाई या छाया पड़ती है तो उसे शुभ नहीं माना गया है। इससे आर्थिक नुकसान होता है। अगर मुख्य द्वार आपके छाया पड़ती है तो आप इस वास्तु दोष से छुटकारा पाने के लिए द्वार के दोनों तरफ कुमकुम, केसर, हल्दी, रोली को घोलकर उनसे स्वास्तिक या ॐ का शुभ चिन्ह बनाएं।

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