कुंभ में गंगा स्नान करने से प्राप्त होते हैं कई चमत्कारी लाभ, जानें महत्व

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महाशिवरात्रि (11 मार्च) के दिन से कुंभ मेला हरिद्वार में शुरू हो रहा है। गंगा में स्नान करना कुंभ मेले के दौरान काफी शुभ माना गया है। कुंभ मेले में शाही स्नान के अतिरिक्त ऐसी कई खास तिथियां होती हैं, जिसमे स्नान करना शुभ और लाभदायक है। हिंदू धर्म में गंगा स्नान का विशेष महत्व है। वहीं हरिद्वार में लगने वाले कुंभ मेले के दौरान पूजन और गंगा स्नान करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इसके क्या-क्या फायदे हैं।

  • गंगा को हिंदू धर्म में मां का दर्जा दिया गया है। इसकी वजह से गंगा में स्नान करने महत्व ज्यादा है। इसके जल को हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र जल कहा जाता है।
  • हिन्दू धर्म में जीवन और मौत दोनों ही गंगा से ही जुड़ी हुई है। इसके बिना हिंदू संस्कार अधूरे हैं। गंगा के जल को अमृत की तरह माना जाता है।
  • मकर संक्राति, वसंत पंचमी, मौनी अमावस्या, महाशिवरात्रि, पूर्णिमा और गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान काफी शुभ और महत्वपूर्ण माना गया है।
  • नियमित गंगा पूजन और स्नान से व्यक्ति को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है। उसे मानसिक तनाव का सामना नहीं करना पड़ता है। उसके पाप भी नष्ट होते हैं। मरने से बाद उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • अगर किसी जातक को मांगलिक दोष है तो उसे गंगा पूजन करना चाहिए। इससे उसे लाभ प्राप्त होता है।
  • अगर श्रद्धालु के ग्रहों की दशा ठीक नहीं चल रही है तो गंगा में स्नान करने से उन अशुभ ग्रहों का असर कम होता है या पूरी तरह खत्म हो जाता है।
  • गंगा में स्नान करने से श्रद्धालु को पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है और उसके जीवन से नकारात्मकता दूर हटती है। इससे उसका मन धर्म कर्म में लगता है।

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