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जामिया में ‘फ्री कश्मीर’ के नारों पर संजय सिंह का चौंकाने वाला जवाब, बोले- ‘मुझे नहीं मालूम, लेकिन…’

जामिया यूनिवर्सिटी में ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ के नारे लिखे जाने पर संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी। जानिए AAP सांसद ने क्या कहा और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने क्या कदम उठाया।

संजय सिंह

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में दीवारों पर कथित विवादित नारे लिखे जाने का मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। इस मामले पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें फिलहाल इस घटना की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले वह पता करेंगे कि यूनिवर्सिटी में क्या लिखा गया और वास्तव में क्या हुआ है। इसके बाद ही इस मामले पर अपनी बात रखेंगे। हालांकि, संजय सिंह ने इस मुद्दे के साथ देश के दूसरे बड़े सवालों को भी उठाया। उनके बयान के बाद जामिया विवाद को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।

 नारेबाजी से ज्यादा किन मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं संजय सिंह?

संजय सिंह ने कहा कि देश में कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इन विषयों को पर्याप्त महत्व क्यों नहीं दिया जा रहा है। AAP सांसद ने ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल किए और पूछा कि उन्हें बचाने की कोशिश क्यों हो रही है। उन्होंने कथित भ्रष्टाचार और कार्रवाई से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। हालांकि, जामिया में लिखे गए नारों को लेकर उन्होंने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जानकारी जुटाने की बात कही। उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर था कि राजनीतिक चर्चा केवल एक विवाद तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि देश के दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

जामिया में किन नारों को लेकर हुआ विवाद?

जामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। इसी दौरान परिसर की दीवारों पर कथित तौर पर ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ जैसे नारे लिखे जाने की बात सामने आई। इसके बाद बीजेपी समेत कई लोगों ने इस पर नाराजगी जताई। बीजेपी की ओर से ऐसे नारों को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। इस मामले ने छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को भी चर्चा में ला दिया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट होना जरूरी है कि ये नारे किसने लिखे और इसके पीछे किसका हाथ था। जांच से जुड़े आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी।

 यूनिवर्सिटी प्रशासन ने क्या कदम उठाने की बात कही?

जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने कथित विवादित नारों की घटना की निंदा की है। प्रशासन के मुताबिक, नारे लिखने वाले लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा है कि परिसर में शांतिपूर्ण और पढ़ाई के अनुकूल माहौल बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। अब इस मामले में जांच के नतीजों पर सबकी नजर है। एक तरफ छात्र संघ चुनाव कराने की मांग जारी है, तो दूसरी तरफ कथित नारों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी बढ़ रही है। संजय सिंह ने भी कहा है कि वह घटना की जानकारी लेने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देंगे। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि जांच में क्या सामने आता है और विवाद को लेकर आगे राजनीतिक दलों का क्या रुख रहता है।

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