जनता दल यूनाइटेड की शुक्रवार को हुई बैठक में पार्टी के ज्यादातर विधायक और विधान परिषद सदस्य मौजूद रहे। बैठक की अगुवाई नीतीश कुमार ने की। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर इसमें शामिल नहीं हुए। दोनों नेताओं की गैरमौजूदगी के बाद राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं। बैठक में संगठन से जुड़े विषयों के अलावा कई अहम मुद्दों पर चर्चा और जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी सामने आई। वहीं पार्टी नेताओं ने बैठक से किसी तरह का राजनीतिक संदेश निकलने की बात को खारिज किया।
ललन सिंह की गैरमौजूदगी पर पार्टी ने क्या कहा?
बैठक खत्म होने के बाद नेताओं से ललन सिंह के नहीं आने को लेकर सवाल किए गए। विधायक अजीत कुमार ने कहा कि ललन सिंह जैसे वरिष्ठ नेता का कार्यक्रम में होना बेहतर रहता, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी का मतलब यह नहीं है कि पार्टी में कोई परेशानी चल रही है। उन्होंने संगठन के भीतर सबकुछ सामान्य होने की बात कही। मंत्री सुनील कुमार से जब निशांत कुमार के नेतृत्व को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं को नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम नहीं है। उनके मुताबिक, नीतीश कुमार और निशांत कुमार पार्टी के प्रमुख नेतृत्व से जुड़े चेहरे हैं।
अनंत सिंह और नीरज कुमार का मामला भी चर्चा में
बैठक के बाद पार्टी नेताओं से अनंत सिंह और नीरज कुमार को लेकर भी सवाल पूछे गए। मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि अनंत सिंह किसका विरोध करते हैं, यह उनका अपना फैसला है, लेकिन जेडीयू अपने उम्मीदवार के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले नीतीश कुमार के नेतृत्व में लिए जाएंगे। मंत्री बुलो मंडल ने भी नीरज कुमार को लेकर चल रही बयानबाजी पर कहा कि पार्टी पूरे मामले पर नजर रख रही है। इस तरह बैठक के बाद नेताओं ने अलग-अलग मुद्दों पर पार्टी का रुख सामने रखा, जबकि ललन सिंह की गैरमौजूदगी को लेकर अटकलें जारी रहीं।
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