अयोध्या में लंबे समय से प्रतीक्षित राम जन्मभूमि मंदिर पर आखिरकार केसरिया ध्वज फहराया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि देशवासियों के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह ध्वज धर्म, सत्य, न्याय और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों का प्रतीक है। मंदिर निर्माण की यह यात्रा दशकों से चली आ रही थी और अब इसका पूर्ण होना भारतीय इतिहास और संस्कृति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दी शिरकत
ध्वजारोहण के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत भी अयोध्या पहुंचे। समारोह में उन्हें विशेष रूप से स्वागत किया गया। सीएम योगी ने इस अवसर पर कहा कि आज का दिन भगवान राम के भक्तों की निरंतर साधना और संघर्ष को समर्पित है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मंदिर के निर्माण में कई पीढ़ियों की मेहनत और प्रयास शामिल हैं, और यह उपलब्धि उन सभी के लिए गर्व का कारण है जिन्होंने इस आंदोलन को सफल बनाने में योगदान दिया।
विवाह पंचमी का दिव्य संयोग और धार्मिक महत्व
मंदिर पर ध्वजारोहण का यह समारोह विवाह पंचमी के दिन संपन्न हुआ, जो इसे और भी पवित्र और विशेष बनाता है। सीएम योगी ने कहा कि यह ध्वज न केवल राम जन्मभूमि के महत्व को दर्शाता है, बल्कि यह सत्य और धर्म के अमर प्रकाश का प्रतीक भी है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि राम राज्य के मूल्यों की महत्ता सदियों से चली आ रही है और ये आज भी समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक हैं। इस मौके ने भक्तों में अत्यधिक उत्साह और गर्व की भावना उत्पन्न की।
अनगिनत पीढ़ियों की प्रतीक्षा हुई पूरी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में जब देश का नेतृत्व संभाला, तभी देशवासियों के दिलों में विश्वास और उम्मीद की नई किरण जगी। आज वही तपस्या और प्रयास राम जन्मभूमि मंदिर के रूप में पूरी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर का निर्माण केवल इमारत का निर्माण नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, धर्म और एकता का प्रतीक है। भक्तों ने इस ऐतिहासिक अवसर को अत्यंत श्रद्धा और खुशी के साथ मनाया।
