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राम मंदिर विवाद में केजरीवाल का बड़ा बयान! चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर क्या कहा?

राम मंदिर दान विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल ने एफआईआर पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल जूनियर कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। जानिए पूरा मामला और अब जांच किस दिशा में बढ़ रही है।

अरविंद केजरीवाल

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचे। उन्होंने रामलला के दर्शन किए और देश की खुशहाली की कामना की। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने दान विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया। केजरीवाल ने कहा कि इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर सिर्फ औपचारिक कार्रवाई लगती है। उनका कहना था कि इतने बड़े मामले को केवल कुछ जूनियर कर्मचारियों तक सीमित नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, अगर किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच हर उस व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए जिसकी भूमिका इस मामले में हो सकती है।

‘सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों?’

केजरीवाल ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर किसी भी तरह की वित्तीय गड़बड़ी बिना कई लोगों की जानकारी के होना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिलहाल कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर होती दिखाई दे रही है, जबकि यह पता लगाया जाना चाहिए कि क्या इस मामले में किसी वरिष्ठ स्तर की भी जिम्मेदारी बनती है। उनका कहना था कि निष्पक्ष जांच तभी मानी जाएगी, जब सभी पहलुओं की समान रूप से जांच हो। इस बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबर भी चर्चा में है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से अभी तक इन इस्तीफों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

एफआईआर के बाद जांच हुई तेज

राम मंदिर ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में आठ नामजद लोगों और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन पर चढ़ावे से जुड़ी रकम में कथित गड़बड़ी, भरोसा तोड़ने और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में सख्त कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई और आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसियां अब पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं।

एसआईटी की जांच पर टिकी हैं सभी की नजरें

राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े कथित मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया था। इस टीम में प्रशासन, पुलिस और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच का उद्देश्य पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, लेकिन पूरे मामले में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी।

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