India 6G News: भारत ने अगली पीढ़ी की मोबाइल तकनीक यानी 6G को लेकर बड़ा कदम उठाया है। भारत अब अमेरिका समेत 24 अन्य देशों के उस वैश्विक समूह में शामिल हो गया है, जिसका लक्ष्य सुरक्षित, भरोसेमंद और बेहतर 6G नेटवर्क तैयार करना है। इस पहल के जरिए सदस्य देश तकनीक, निवेश और डिजिटल ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। 6G को भविष्य की इंटरनेट तकनीक माना जा रहा है, जिसमें मौजूदा नेटवर्क के मुकाबले ज्यादा तेज डेटा ट्रांसफर और नई डिजिटल सेवाओं की संभावनाएं होंगी।
अमेरिकी अधिकारी से मिले जितिन प्रसाद
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक से मुलाकात की। बातचीत के दौरान 6G के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जैसे तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 में अमेरिकी कंपनियों के निवेश की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। भारत लगातार देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने और विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में काम कर रहा है।
AI और सेमीकंडक्टर पर भी बढ़ेगा सहयोग
भारत और अमेरिका के बीच AI तकनीक को लेकर भी साझेदारी मजबूत करने पर जोर है। दोनों देश सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके अलावा सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से भारत के डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मजबूती मिल सकती है। 6G के विकास में भी इन तकनीकों की अहम भूमिका मानी जा रही है।
G20 में भी भारत ने जताई प्रतिबद्धता
G20 इनोवेशन बैठक में भारत ने AI, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। भारत का लक्ष्य ऐसी आधुनिक तकनीक विकसित करना है, जिसका बड़े स्तर पर इस्तेमाल हो सके और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति मिले। 6G समूह में शामिल होना इसी दिशा में भारत की तकनीकी और रणनीतिक भागीदारी को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
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