उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक मदद देने की कथित योजना को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। चर्चा है कि चुनाव से पहले बीजेपी सरकार महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये तक देने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि इसकी शुरुआत 20 हजार रुपये की पहली किस्त से हो सकती है और बाकी रकम बाद में दी जा सकती है। हालांकि, इस योजना की अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार और महाराष्ट्र में भी चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में पैसे भेजे जाने का मामला सामने आया था। डिंपल ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे फैसले का स्वागत नहीं करती है।
‘पैसे देकर वोटरों की सोच प्रभावित करने की कोशिश’
डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के खातों में पैसे भेजना मतदाताओं की सोच को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपना काम करना चाहिए और रोजगार, सड़क तथा आरक्षण जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। सपा सांसद ने प्रदेश में युवाओं के रोजगार और सड़कों की स्थिति का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि जिन वर्गों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए, उन्हें भी पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा है। डिंपल के बयान के बाद बीजेपी और सपा के बीच महिलाओं को लेकर राजनीतिक मुकाबला और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, बीजेपी की ओर से इस कथित 50 हजार रुपये वाली योजना को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
“हमने बिहार में भी देखा था चुनाव से पहले किस तरह से सरकार ने महिलाओं के खाते में पैसे पहुंचाने का कार्य किया था, महाराष्ट्र में भी किया था, चुनाव से पहले आप लोगों की कॉन्शियस को खरीदने का काम कर रहे हैं।”
– श्रीमती डिम्पल यादव जी, लोकसभा सांसद pic.twitter.com/VQx5zcs9pJ
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) August 13, 2026
अखिलेश यादव पहले ही कर चुके हैं बड़ा ऐलान
महिला वोटरों को लेकर समाजवादी पार्टी भी पहले से अपनी रणनीति स्पष्ट करती रही है। मार्च 2026 में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि अगर 2027 में उनकी सरकार बनती है तो गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए ‘नारी समृद्धि सम्मान योजना’ शुरू की जाएगी। इसके तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने की बात कही गई थी। साथ ही समाजवादी पेंशन योजना को दोबारा शुरू करने का भी ऐलान किया गया था। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले महिलाओं के लिए आर्थिक योजनाएं यूपी की राजनीति में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकती हैं। अब देखना होगा कि बीजेपी की ओर से 50 हजार रुपये की कथित योजना को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा होती है या नहीं।
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