शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने गुरुवार (11 सितंबर) को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक तीखा बयान दिया, जिसमें उन्होंने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर भारत सरकार को घेरा। राउत ने कहा कि इस हमले में 26 जवान शहीद हुए हैं, जिनकी विधवाओं का सिंदूर उजड़ गया। उन्होंने इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम देते हुए कहा कि जब तक आतंक के खिलाफ यह लड़ाई पूरी नहीं होती, तब तक पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना देश के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
भारत-पाक क्रिकेट मैच को बताया ‘देशद्रोह’
संजय राउत ने खास तौर पर अबू धाबी में 14 सितंबर को खेले जाने वाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने दावा किया कि “बीजेपी मंत्रियों के बच्चे” इस मैच को देखने विदेश जा रहे हैं और इसे पूरी तरह ‘देशद्रोह’ बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या शहीदों के परिवारों की भावनाएं कोई मायने नहीं रखतीं? राउत का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इस पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया आने लगी है।
पहलगाँव हमले में 26 माँ-बहनों का सिंदूर मिटा, उनका आक्रोश अभी थमा नहीं।⁰ऑपरेशन सिंदूर, जो आतंकी पाकिस्तान को तोड़ने के लिए शुरू हुआ, अभी खत्म नहीं हुआ।⁰फिर भी अबू धाबी में भारत-पाक क्रिकेट मैच खेला जा रहा है।(14th September)⁰बीजेपी मंत्रियों के बच्चे इसे देखने ज़रूर जाएँगे।… pic.twitter.com/tkQYMcb5nZ
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) September 11, 2025
राजनीतिक प्रतिक्रिया का इंतजार, जनता दो धड़ों में बंटी
फिलहाल केंद्र सरकार या बीजेपी की ओर से राउत के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन सोशल मीडिया पर आम जनता दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है। कुछ लोग संजय राउत के बयान को राष्ट्रवादी सोच बताते हुए समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राउत का यह बयान भारत-पाक क्रिकेट मैच की योजना पर असर डालता है या यह भी एक और राजनीतिक विवाद बनकर रह जाएगा।
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