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5kW सोलर पैनल से हर महीने कितनी यूनिट बिजली बनेगी? जानें पूरा हिसाब और सब्सिडी के बाद कितना बचेगा खर्च

5kW सोलर पैनल हर महीने कितनी यूनिट बिजली बनाता है? जानें रोजाना और सालाना जनरेशन का हिसाब, पीएम सूर्य घर योजना की 78,000 रुपये तक सब्सिडी और खर्च की पूरी जानकारी।

5kW सोलर पैनल

बिजली का बिल कम करने के लिए लोग अब अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं। इनमें 5kW का सोलर सिस्टम मध्यम आकार के घरों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है। इससे घर की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। लेकिन सोलर लगवाने से पहले यह जानना जरूरी है कि इससे हर महीने कितनी यूनिट बिजली बनेगी। आमतौर पर 5kW का रूफटॉप सोलर सिस्टम अच्छी धूप मिलने पर रोजाना लगभग 20 से 25 यूनिट बिजली बना सकता है। इस हिसाब से एक महीने में करीब 600 से 750 यूनिट तक उत्पादन संभव है। हालांकि, वास्तविक जनरेशन मौसम, पैनल की गुणवत्ता और इंस्टॉलेशन पर निर्भर करती है।

 ऐसे समझें सोलर बिजली का पूरा गणित

सोलर पैनल से बनने वाली बिजली का अनुमान लगाने के लिए सिस्टम की क्षमता, धूप के घंटे और सिस्टम की कार्यक्षमता को ध्यान में रखा जाता है। इसका आसान फॉर्मूला है: सिस्टम की क्षमता (kW) × पीक सन आवर × परफॉर्मेंस रेशियो। उदाहरण के लिए, अगर 5kW सिस्टम को रोजाना 5 घंटे अच्छी धूप मिलती है और परफॉर्मेंस रेशियो 0.8 है, तो रोजाना उत्पादन लगभग 20 यूनिट होगा। महीने में 30 दिन के हिसाब से यह करीब 600 यूनिट बनता है। अच्छी धूप वाले दिनों में उत्पादन इससे अधिक हो सकता है, जबकि बारिश या बादल के समय कम बिजली बन सकती है।

 पैनल की दिशा और मौसम से बदलता है आउटपुट

हर घर में 5kW सोलर सिस्टम से एक जैसी बिजली नहीं बनेगी। पैनल किस दिशा में लगाए गए हैं और उनका झुकाव कितना है, इसका उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। छत पर पेड़, दूसरी इमारत या पानी की टंकी की छाया पड़ने से भी बिजली बनना कम हो सकता है। इसके अलावा पैनल पर धूल-मिट्टी जमने, बादल छाने और बारिश होने से जनरेशन प्रभावित होती है। पैनल की गुणवत्ता, इन्वर्टर की क्षमता और वायरिंग भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए सोलर लगवाने से पहले छत का सर्वे कराना और सही क्षमता का सिस्टम चुनना जरूरी है।

पीएम सूर्य घर योजना में कितनी सब्सिडी मिलेगी?

केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों में रूफटॉप सोलर लगाने के लिए सब्सिडी दी जाती है। सामान्य तौर पर 1kW पर 30,000 रुपये और 2kW पर 60,000 रुपये तक केंद्रीय सहायता का प्रावधान है। 3kW या उससे अधिक क्षमता वाले सिस्टम पर अधिकतम 78,000 रुपये तक केंद्रीय सब्सिडी मिल सकती है। 5kW सिस्टम पर भी केंद्रीय सब्सिडी की अधिकतम सीमा सामान्यतः 78,000 रुपये ही रहती है। वास्तविक लागत और सहायता राज्य, डिस्कॉम तथा पात्रता के अनुसार बदल सकती है। सोलर लगवाने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर नियम और उपलब्ध विक्रेताओं की जानकारी जांचना चाहिए। बिजली बिल में बचत से शुरुआती खर्च की भरपाई हो सकती है, लेकिन यह आपके इस्तेमाल, सिस्टम की लागत और स्थानीय बिजली दरों पर निर्भर करेगा।

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